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शनिवार, 30 मार्च 2024

तो क्या! साहब सिंह की हत्या के समय पाकिस्तान में था मुख्तार अंसारी पाकिस्तान से आकर अताऊर्रहमान उर्फ बाबू ने की थी साहब सिंह की हत्या

तो क्या! साहब सिंह की हत्या के समय पाकिस्तान में था मुख्तार अंसारी पाकिस्तान से आकर अताऊर्रहमान उर्फ बाबू ने की थी साहब सिंह की हत्या

गाजीपुर। पूर्वांचल के टॉप खुंखार गैंगस्टरों की लिस्ट में सबसे अधिक हाईलाइटेड गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के अपराध जगत से जुड़े पुराने किस्सांे को सुनकर कोई भी आश्चर्य में पड़ जायेगा। ऐसी ही एक सच्ची कहानी अपराध जगत से जुड़े लोगों की जुबानी सुनने को मिली है। घटना वर्ष 1992-93 के बीच की है। गर्मी का महीना था जब चंदौली जिले के धानापुर थाना क्षेत्र के कोहड़ा-सकरारी गांव निवासी और 80 के दशक के टॉप मोस्ट अपराधी साहब सिंह की वाराणसी में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या हुई थी। इस केस में भी मुख्तार अंसारी का नाम लाइट में आया था। क्योकि सभी जानते थे कि साहब सिंह गैंग मुख्तार के गुरु भाई साधू सिंह और मकनू सिंह की एंटी थे। दोनों लोगों की हत्या में साहब सिंह का ही हाथ था। ऐसे में जब साहब सिंह की हत्या हुई तो सभी ने यहीं समझा कि मुख्तार अंसारी ने उसकी गोली मारकर हत्या की है, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है।अपराध जगत से जुड़े पुराने सूत्रों की माने तो साहब सिंह की हत्या मुख्तार के खासमखास और वर्तमान में इंडिया मोस्ट वांटेड अपराधियों की लिस्ट में शामिल 5 लाख के इनामी अताऊर्रहमान उर्फ बाबू ने की थी। सूत्र बताते है कि हत्या की साजिश मुख्तार ने ही रची थी। चूंकि उस वक्त बाबू पाकिस्तान में रहता था। घटना का तानाबाना बुनने के बाद मुख्तार अंसारी अपने पंजाब के खासमखास लोगों के साथ मिलकर बार्डर पार कर पाकिस्तान में चला गया था। जहां वह बाबू के ठिकाने पर था और इधर बाबू बार्डर पार कर वाराणसी आया और उस वक्त के मुख्तार गैंग के लोगों के साथ मिलकर साहब सिंह की हत्या कर दी थी।सूत्र बताते है कि जब इस हत्याकांड में पुलिस मुख्तार को खोजने लगी तो पाकिस्तान में रहते हुए मुख्तार ने उस वक्त बेसिक फोन से सैदपुर के एक मानिंद व्यक्ति जो राजनीतिक क्षेत्र में भी काफी हाईलाइटेड है उनके घर पर फोन किया। फोन पर मुख्तार के होने की सूचना मिलने पर वह उससे बात किये और कहे कि भाई तुम कहा हो यहा पुलिस तुम्हे ढ़ूढ़ रही है। इसपर मुख्तार ने कहा कि वह पाकिस्तान में है। इस हत्या से उसका कोई लेनादेना नहीं है। सूत्र बताते है कि उक्त मानिंद व्यक्ति जो मुख्तार के करीबी थे उन्होंने ही पुलिस को यह बताया कि घटना के दिन से ही मुख्तार अंसारी पाकिस्तान में है। ऐसे में पुलिस ने जांच की दिशा को घुमा दिया और मुख्तार गैंग के कुछ चुनिंदा लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दजर्् कर दिया था। इस घटना के बाद मुख्तार अंसारी अपने करीबी उताऊर्रहमान उर्फ बाबू से मिलने के लिए बार्डर पार कर कई बार पाकिस्तान भी गया था।

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