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सोमवार, 26 जून 2023

खीरी जिले का "बेस्ट स्कूल ऑफ द वीक" बना प्राथमिक विद्यालय बेलागढ़ी read more .....

प्रधानाध्यापक की रंग लाई मेहनत, सप्ताह का सर्वश्रेष्ठ विद्यालय बना पीएस बेलागढी

● राघवेंद्र ने बदली स्कूल की तस्वीर : तेजी से बढ़ा नामांकन, अभिभावकों का विश्वास

लखीमपुर खीरी 25 जून। सरकारी स्कूलों में शिक्षण का स्तर सुधरा तो अभिभावक आकर्षित होने लगे। बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन घाघरा नदी पार बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में ब्लॉक संसाधन केंद्र से लगभग 40 किमी, मुख्यालय लखीमपुर से लगभग 85 किमी की दूरी पर स्थित ब्लॉक ईसानगर के प्राथमिक विद्यालय बेलागढी की सूरत बदलने के साथ शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त होने से छात्र संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही। अभिभावकों में विश्वास बढ़ा है। मात्र कुछ सालो में स्कूल में गुणवत्तायुक्त शिक्षा ही नहीं दी बल्कि विद्यालय का माहौल भी बदल दिया, जहां ज्यादातर अभिभावकों का कहना है कि अब सरकारी स्कूल पहले जैसे नहीं रहे।

डीएम की अभिनव पहल "बेस्ट स्कूल ऑफ द वीक" से नवाजे गए ईसानगर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय बेलागढी क्षेत्र के लिए नजीर बन चुका है। महकमे के मुताबिक इस विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता जिलेभर के अन्य सरकारी स्कूलों से काफी बेहतर है। वर्तमान में यहां 300 से अधिक बच्चे अध्ययनरत हैं। इं. प्रधानाध्यापक राघवेन्द्र सिंह ने वर्ष 2015 में अपने समस्त स्टाफ को एकता सूत्र में पिरोकर शिक्षा क्षेत्र में नित नई उपलब्धियों को प्राप्त करना शुरू किया। कार्यभार ग्रहण करने के वक्त विद्यालय सौंदर्य विहीन था। राघवेन्द्र ने देखा कि विद्यालय में किसी प्रकार की कोई भी हरियाली नहीं है। बाउंड्रीविहीन विद्यालय को हराभरा एवं आकर्षक बनाना किसी चुनौती से कम न था किंतु योजनाबद्ध ढंग से कार्य, अथक प्रयासों से पूरे स्टाफ ने विभिन्न पर्यावरणीय नवाचारों से विद्यालय सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया। वृक्षारोपण कर हराभरा फील्ड बनाई। आज विद्यालय बाउंड्री बनवाकर हराभरा, आकर्षक, किचन गार्डन युक्त है। ना चाहते हुए भी यहां आने वाले आगंतुकों को यह अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। 

अभिभावकों को लुभाती विद्यालय की खूबियां :
सरकार से नियत लगभग सभी मानकों को विद्यालय पूर्ण कर चुका। प्रभार के समय विद्यालय के कक्ष अंदर से जीर्ण अवस्था में थे, इसके लिए प्रधानाध्यापक ने अपने स्टाफ के साथ योजना बनाकर प्रबंध समिति के सहयोग से प्रत्येक कक्ष को आकर्षक, टीएलएम, व लर्निंग कॉर्नर, स्मार्ट टीवी से युक्त  बनाया। अगर बात शिक्षा की की जाए तो यह भौतिक सुंदरता से भी अधिक प्रभावशाली है। गुणवत्ता परक शिक्षा के लिए समस्त शिक्षकों, अभिभावकों, प्रबंध समिति व प्रधान सभी को एकता के सूत्र में बांधकर कार्य किया। 

आज विद्यालय में खेल, पुस्तकालय, संगीत, वादन आदि को बहुत अच्छे ढंग से संचालित किया जा रहा है प्रत्येक शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर कार्य करने को उत्सुक रहता है।अभिभावकों, विद्यालय प्रबंध समिति एवं ग्राम प्रधान आदि का पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है। नित नए नवाचारों के कारण विद्यालय को कई स्तरों से पुरस्कृत भी किया जा चुका है। आज केवल 03 अध्यापकों वाला यह विद्यालय एक परिवार के रूप में मिल- जुल कर कार्य कर रहा। प्रत्येक कार्य मे सहयोग के लिए तत्पर रहने वाला समस्त स्टाफ बधाई का पात्र है।

हर वर्ष बढ़ा नामांकन, प्रगति पथ पर अग्रसर विद्यालय :
विद्यालय का बढ़ता नामांकन इस बात की साक्षी कि विद्यालय प्रगति के पथ पर अग्रसर है।आज विद्यालय में गांव के ज्यादातर बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते हैं। नामांकन  2017-18 में 107, 2018-19 में 175, 2019-20 में 216, 2020-21 में 217, 2021-22 में 270, 2022-23 में 307 है। इंचार्ज प्रधानाध्यापक राघवेंद्र ने "एक कदम गांव की ओर" मुहिम शुरू की, जिसके जरिए प्रतिदिन अभिभावकों से संपर्क का लक्ष्य रखा। सभी शिक्षकों को निर्धारित समान अनुपात में छात्रों को आवंटित कर दिया। शिक्षकों ने अपने लगन, परिश्रम से बच्चों-अभिभावकों से नियमित संपर्क बनाना शुरू किया। शिक्षक स्वनिर्मित टीएलएम, विज्ञान प्रयोगशाला, गणित व विज्ञान किट, सामाजिक विषय टीएलएम का उपयोग कर पूर्ण मनोयोग से शिक्षा प्रदान कर रहे। दिन-प्रतिदिन विद्यालय के शैक्षिक स्तर में सुधार होता चला गया। आज विद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में ख्याति प्राप्त की।

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